Pukhraj Stone Benefits in Hindi – Yellow Sapphire Benefits – पीला पुखराज पहनने के लाभ

Pukhraj Stone Benefits in Hindi, Yellow Sapphire Benefits In Hindi, Benefits of Wearing Pukhraj Stone Ratna Hindi Me पीला पुखराज पहनने के लाभ – पीला पुखराज जिसे इंग्लिश में येलो सफायर के नाम से भी जाना जाता है, एक पीले रंग का अनमोल रत्न है । यह विशेष रूप से अपनी असंख्य ज्योतिषीय लाभ के लिए जाना जाता है । यह रत्न, इसके पहनने वाले को लाभ प्रदान करता है जिसमें व्यावसायिक सफलता भी शामिल हैं ।

इस रत्‍न का स्‍वामी बृहस्‍पति है और यह हीरे और माणिक के बाद तीसरा सबसे कठोर रत्‍न है। यह मुख्‍य रूप से पीले रंग का होता है लेकिन अलग-अलग भौगोलिक स्‍थ‍िति के कारण ये पीले के पांच अलग-अलग शेड में पाया जाता है। सबसे अच्‍छा पुखराज नीबू के छिलके के समान पीला वाला माना जाता है। इसके अलावा हल्‍दी जैसा पीला, केसरी, सोने के रंग जैसा और पीलापन लिए हुए सफेद पुखराज इसके अन्‍य रंग हैं।

Pukhraj Stone Benefits, Yellow Sapphire Gemstone in Hindi
Pukhraj / Yellow Sapphire Gemstone Benefits in Hindi Language

पुखराज की प्राकृतिक उपलब्‍धता (Pukhraj Ki Prakritik Uplabhdta)

क्रिस्‍टल के रूप में पुखराज भी खदानों से निकाला जाता है। इसकी खदानें मुख्‍य रूप से रूस, श्रीलंका, अफगानिस्‍तान, नार्वे, इटली में हैं। लेकिन सबसे अच्‍छा पुखराज ब्राजील में पाया जाता है। भारत में हिमालयन क्षेत्र में पुखराज पाया जाता है।

विज्ञान और पुखराज (Vigyan Aur Pukhraj)

पुखराज सिलिकेट मिनरल है जो कि एल्‍युमीनियम और फ्लो‍रीन से मिलकर बना है।इसका फार्मुला Al2SiO4(F,OH)2 है। इस रत्‍न में प्राकृतिक रूप से ही कुछ अशुद्धियां और तरल या गैसीय पदार्थ पाए जाते हैं। इसकी कठोरता 8 होती है और घनत्‍व 6.53 होता है।

पुखराज के गुण (Pukhraj Ke Gun)

पीले रंग का चमकदार रत्‍न होता है जिसे ध्‍यान से देखने पर ऐसा प्रतीत होता है जैसे इसके अंदर पानी हो। इस रत्‍न से आर-पार दिखाई देता है किन्‍तु स्‍पष्‍ट नहीं। यह गुरू के दोषों को दूर करने की क्षमता रखता है।

ज्‍योतिष और पुखराज के लाभ(Jyotish Aur Pukhraj Ke Labh)

बृहस्‍पति एक शक्तिशाली ग्रह है। इस ग्रह की अच्‍छी दृष्‍टी जहां मानव को धनवान बनाती है और समाजिक सम्‍मान दिलाती है वहीं यदि यह विपरीत फल दे तो अत्‍यंत बुरे फल देता है। इसलिए पुखराज सभी नहीं पहन सकते। इसको खरीदने से पहले किसी अच्‍छे ज्‍योतिष शास्‍त्री से कुंडली दिखवा ले। कुंडली में इन परिस्‍थ‍ितियों में पुखराज पहनें:

  • बृहस्‍पति के ग्रह धनु और मीन लग्‍न वाले व्‍यक्तियों को पुखराज अवश्‍य पहनना चाहिए।
  • कुंडली में अगर बृहस्‍पति मेष,वृष, सिंह, वृश्‍चिक,तुला, कुंभ या मकर राशियों में स्‍थ‍ित हो तो पुखराज पहनना चाहिए।
  • मेष, वृष, सिंह, वृश्चिक, तुला, कुंभ या मकर में से किसी भी राशि में यदि बृहस्‍पति उपस्‍थित हो तो पुखराज पहनना लाभकारी होता है।
  • बृहस्‍पति अगर मकर राशि में हो तो पुखराज पहनने में देर नहीं करनी चाहिए।
  • बृहस्‍पति धनेष होकर नौवे घर में, चौथे घर का स्‍वामी होकर ग्‍यारवें भाव में, सातवें भाव का स्‍वामी होकर दूसरे भाव में और भाग्‍येश होकर चौथे भाव में हो तो पुखराज पहनना शुभ फल कारक होता है।
  • उत्‍तम भाव में स्थित बृहस्‍पति यदि अपने भाव से छठे या आठवें स्‍थान पर स्‍थ‍ित हो तो पुखराज जरूर पहनना चाहिए।
  • बृहस्‍पति की महादशा में या किसी भी महादशा में बृहस्‍पति का अंतर हो तो भी पुखराज पहनना लाभकारक होता है।
  • विवाह में अड़चने आती हो तो शुभ कार्यों का कारक बृहस्‍पति के रत्‍न पुखराज को धारण करने विवाह शीघ्र हो जाता है।
  • पुखराज पहनने से हमारा मन शांत होता है और बुरे विचारों में कमी आती है।

पुखराज का विकल्‍प (Pukhraj Ka Vikalp)

पुखराज न खरीद पाने और अच्‍छा पुखराज न मिलने की स्थिति में इसके विकल्‍प के रूप में पीला मोती, पीला जिरकॉन या सुनैला पहन सकते हैं।

सावधानी (Sawdhani)

पुखराज इसके उपरत्‍न या विकल्‍प के साथ कभी भी हीरा, नीलम,गोमेद और लहसुनिया धारण नहीं करना चाहिए। गंदा, टूटा और अजीब सा पुखराज कभी नहीं खरीदना व पहनना चाहिए।

कौन पहन सकता है इस पीले पुखराज को (Kaun Pehen Sakta Hai Pukhraj Ko)

पीला पुखराज धनु राशि में २२ नवंबर से २१ दिसंबर के बीच में जन्मे लोगों के लिए जन्म का रत्न है । भारतीय जोतिष में, पुखराज रत्न धनु और मीन के लिए उनके राशि का रत्न है । पीला पुखराज रत्न बृहस्पति को मजबूत करता है और इसके पहनने वाले के लिए धन, ज्ञान, आध्यात्मिकता और स्वस्थ्य में लाभदायक होता है । मेष, कर्क, सिंह और वृश्चिक राशि के लोग भी पीला पुखराज पहन सकते हैं ।

पीला पुखराज पहनने के कुछ अन्य लाभ (Peela Pukhraj Pehnne Ke Kuchh Anya Labh)

जो इस रत्न को पहनता है, यह रत्न उसे अच्छा स्वास्थ्य, ज्ञान, संपत्ति, दीर्घायु, मान सम्मान और प्रसिद्धि प्रदान करता है । यह बुरी नजर से भी बचत है । यह विशेष रूप से शैक्षिक जीवन के दौरान सबसे अच्छा रत्न साबित होता है । ज्योतिष गुणवत्ता से परिपूर्ण पीला पुखराज जो विद्यार्थी पहनता है, यह रत्न उनकी पढाई को अच्छी तरह से करने में उनकी सहायता करता है ।

पीला पुखराज शादी के लिए भी लाभदायक है । यह ख़ास करके उन महिलाओं के लिए भुत लाभदायक है जिनकी शादी में किसी प्रकार की रुकावट है या जिनकी शादी होने में देर हो रही है । यदि किसी महिला को उपयुक्त वर कही मिल रहा है तो वह महिला इस रत्न को पहन कर अपने लिए उपयुक्त वर को प्राप्त कर सकती है । यह रत्न शादीशुदा जेवण को सही तरीके से बनाए रखने में भी लाभदायक होता है । इसको पहनने सी बच्चे की भी प्राप्ति होती है ।

पुखराज निःसंतान जोड़ों, खासकर महिलाओं, वारिस और बच्चों की अवधारणा में सहायता करता है ।

यह रत्न उन लोगों लिए भी बहुत लाभदायक है जो प्रशासनिक, न्यायिक, प्रबंधन और शीर्ष स्तर पर कार्यरत हैं ।

यह रत्न उन लोगों के लिए भी लाभदायक है जो लोग शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत है क्यूंकि यह बृहस्पति (गुरु) का प्रतीक है।

यह रत्न उच्च शैक्षिक योग्यता और विशेषज्ञता के लिए भी लाभदायक है ।

यह रत्न जीर्ण रोग को दूर करने की लये भी फायदेमंद है । यह व्यापक रूप से लिवर की बीमारियों और मोटापे से संबंधित स्थितियों का इलाज करने में भी लाभदायक है ।

यह पीलिया, गले के संक्रमण, यकृत, फेफड़े, कान और रक्त परिसंचरण, पेट फूलना, धमनियों में अग्न्याशय, ट्यूमर, त्वचा मुसीबतों, मस्तिष्क की भीड़, सर्दी, रक्त परिसंचरण के विकारों और शरीर में वसा जैसे बिमारियों के लिए प्रभावशाली है ।

यह रत्न अलग हुए प्रेमियों को एकजुट करती है और उनकी शादी करने में सहायता करता है ।

हमेशा सबसे अच्छा परिणाम प्राप्त करने के लिए सिर्फ unheated पुखराज ही पहनें नहीं तो पहनने का कोई लाभ नहीं होगा ।

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