Lapis Lazuli Stone Benefits in Hindi – Lajward Stone Ke Fayde – लाजवर्त रत्न के फायदे

Lapis Lazuli Stone Benefits in Hindi, Lajward Stone Ke Fayde, Benefits of Wearing Lajward Stone Ratna Hindi Me – लाजवर्त रत्न के फायदे – लपिस लाजुली – ये सेमीप्र‍ीसियस स्‍टोन है जिसे हिन्‍दी में लाजवर्त कहते हैं। लेकिन इसका अंग्रेजी नाम लपिस लाजुली ही ज्‍यादा बोला जाता है। यह गाढ़े नीले रंग का रत्‍न होता है। इसमे नीले रंग के साथ कुछ मिनरल डिपोजिशन भी दिखाई देता है। यह बहुत पहले से ही लोगों के बीच अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। इसे सबसे ज्‍यादा अफगानिस्‍तान से प्राप्‍त किया जाता है लेकिन यूएसए और सोवियत रूस में भी लपिस लाजुली कुछ मात्रा में पाया जाता है।

क्‍यों पहने लपिस लाजुली:

इसे फरवरी माह में पैदा होने वालों का बर्थ स्‍टोन कहा जाता है लेकिन वैदिक ज्‍योतिष में इसे शनि का उपरत्‍न माना गया है और इसकी राशि धनु है। अत: शनि के अच्‍छे प्रभावों के लिए इसे पहना जाता है। इसके अलावा हीलिंग थेरेपी में भी इसका महत्‍व है।

पहनने से लाभ:

इस रत्‍न को आजादी और सच्‍चाई का प्रतीक माना जाता है। यह किसी भी बात को याद रखने की क्षमता बढ़ाता है इसलिए इसे बच्‍चों के स्‍टडी रूप में रखना बहुत अच्‍छा माना जाता है। गले और आवाज से संबंधित बीमारियों से बचने के लिए भी इसे पहनने की सलाह दी जाती है।

यह रत्‍न अगर पत्रकार, एक्‍जिक्‍यूटिव और साइकोलॉजिस्‍ट पहनते हैं तो उन्‍हें काम में बहुत लाभ होता है।

कीमत:

भारतीय बाजार में इसकी कीमत 200 से 550 रू. प्रति कैरेट होती है। इसके रंग और चमक के आधार पर ही इसकी कीमत बढ़ती या घटती है।

खरीदने के दौरान ध्‍यान देने योग्‍य बातें:

किसी भी रत्‍न को खरीदने से पहले उसकी शुद्धता की जांच अवश्‍य कर लेनी चाहिए। रत्‍नों को अपने जानने वाले डीलर से लें या फिर पहले उनके काम को अच्‍छी तरह से जांच ले फिर वहां से रत्‍नों की खरीदारी करें। रत्‍नों को अगर ज्‍योतिषीय रेमिडी के लिए पहनना हो तो रत्‍न सस्‍ता हो या महंगा उसकी शुद्धता के विषय में किसी अच्‍छी लैब का सर्टिफिकेट अवश्‍य देंखे और खुद भी इंटरनेट के माध्‍यम से और विशेषज्ञों से इसके विषय में जानकारी ले लें।

गुणवत्‍ता:

दूसरे रत्‍नों की तरह ही इसकी गुणवत्‍ता भी इसके रंग और उसके पैटर्न पर निर्भर करती है। गाढ़े नीले रंग का लैपिस ज्‍यादा अच्‍छा माना जाता है बशर्ते इसमें हरे या भूरे रंग के व्‍यवस्‍थ‍ित पैटर्न हों।

कहां से प्राप्‍त करें:

इसे सबसे ज्‍यादा अफगानिस्‍तान से प्राप्‍त किया जाता है लेकिन यूएसए और सोवियत रूस में भी लपिस लाजुली कुछ मात्रा में पाया जाता है। रत्‍नों और जेम स्‍टोन के बढ़ते चलन के कारण हर ज्‍वेलर के पास यह रत्‍न मिल जाएगा लेकिन यह जरूरी नहीं हो कि वह प्राकृतिक हो क्‍योंकि लगभग सभी जेमस्‍टोन के सेन्‍थेटिक रूप तैयार किए जा चुके हैं।

इसके अलावा ऑन लाइन भी इस रत्‍न को या उससे बनी अंगूठी, ब्रसलेट आदि को खरीदा जा सकता है। यहां इस बात का ध्‍यान रखें कि रत्‍न से संबंधित सर्टिफिकेट अवश्‍य देख लें।

दोस्तों Lajward Stone Ke Fayde का ये लेख आपको कैसा लगा कमेंट कर के बताये और यदि इस रत्न से जुड़ी और कोई जानकारी आपके पास है तो हमारे साथ Share करे।

उम्मीद है आपको यह लेख पसंद आया होगा । यदि आपको यह लेख पसंद आया है तो कृपा इसे अपने दोस्तों, रिस्तेदारों और जानकारों से शेयर जरूर कीजिये । अभी शेयर करने के लिए नीचे दिए सोशल शेयर बटन का उपयोग कीजिये और इसे अपने फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस और अन्य सोशल नेटवर्क प्रोफाइल में शेयर कीजिये ।

हिन्दिज्ञान से जुड़े रहने के लिए अभी फॉलो कीजिये:

Facebook: https://www.facebook.com/hindigyaan
Twitter: http://twitter.com/hindigyaan
Pinterest: https://www.pinterest.com/hindigyaan
Google Plus: https://plus.google.com/+HindiGyaan

HindiGyaan.com के सभी नए लेख को तुरंत और सीधे अपने इ-मेल के इनबॉक्स में पाने के लिए अभी सब्सक्राइब कीजिये: Subscribe Us

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *